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Wednesday, September 24, 2014

Raut Speaks






Supreme Court Speaks


CK Raut Tortured In Police Custody

मधेश बन्दको आह्वान
राउतको रिहाईका लागि अधिवक्ता झाद्वारा लविङ

A Tweet From (Fake) Baburam Bhattarai

Fake: https://twitter.com/brb_kaaldhwoj
Real: https://twitter.com/brb_laaldhwoj




Tuesday, September 23, 2014

शहीद नहीं चाहिए



तीसरी मधेसी क्रान्तिकी तैयारी हो रही है। राजा ज्ञानेन्द्रके तानाशाहीके विरुद्ध एक ही लोकतान्त्रिक क्रान्ति पर्याप्त रही, लेकिन मधेसीयोको अपना अधिकार पानेके लिए एक नहीं, दो नहीं, तीन तीन क्रान्ति करने पड़ रहे हैं। मधेसीयोको जिस विभेदका सामना करना पड़ रहा है वो कितनी जटिल है इसीसे मालुम हो जाता है। बहुत जटिल है मुद्दा। 

अबकी क्रान्ति अन्तिम होनी चाहिए। इस बारकी क्रान्तिमें कोइ शहीद नहीं चाहिए। 
  1. सीके राउतको अविलम्ब और निशर्त रिहा करो। 
  2. मधेश प्रदेशकी स्वयत्तताकी गारण्टी दो। २२ जिल्ला हमारा है। उसमें एक या दो प्रदेश होंगे। लेकिन २२ मेंसे कोइ भी जिल्ला किसी पहाड़ी राज्यको नहीं दिया जा सकता। 
  3. आत्म निर्णयके अधिकार सहितकी संघीयताकी गारण्टी दो। राज्यकी संसद बहुमतके आधार पर जनमत संग्रह करा सकती है। उस जनमत संग्रहमें बहुमतके आधार पर नए देशका घोषणा किया जा सकता है। 
लेकिन क्रान्तिके दौरान अगर एक भी शहीद हुए तो एक चौथी माँग थपी जाएगी: गृह मंत्रीका राजीनामा। क्यों कि शहीद बहुत दे चुके हम। अब और एक भी शहीद देनेकी ख्वाइश नहीं है। अगर दशसे ज्यादा शहीद होते हैं तो फिर बात बढ़ जाएगी। तब तो ये क्रान्ति प्रधान मंत्रीके राजीनामाके बगैर नहीं थमनेवाली। 


मधेसी क्रान्ति (३)

मधेसी क्रान्ति (१) ले देशमा संघीयतालाई स्थापित गर्यो। मधेसी क्रान्ति (२) ले मधेश प्रदेशको स्वायत्तता स्थापित गर्यो। वामदेव र सुशीलले सीके राउतलाई हिरासतमा लिएर मधेसी क्रान्ति (३) को बीउ रोपेका हुन। त्यस क्रान्तिको गृहकार्य जोड़तोड़कासाथ हुँदैछ।

क्रान्ति अहिंसात्मक हुन्छ। (१) सीके राउतको अविलम्ब र निशर्त रिहाई (२) मधेशको स्वयत्तताको गारण्टी र (३) जनमत संग्रहका आधारमा राज्य देशबाट अलग हुन पाउने प्रावधान सहितको संविधान। मधेश बन्द गर्ने र यी तीन माँग पुरा नभएसम्म बन्द राख्ने लक्ष्य लिएर आन्दोलन शुरू गर्नुपर्ने हुन्छ।