हिन्दी भाषा, हिन्दु धर्म, भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रियता, मधेस, मधेसी और नेपाल

प्रत्येक भारतीय नागरिक हिन्दु नहीं हैं। और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत। सभी भारतीय नागरिक कानुन के नजर में बराबर हैं। लेकिन एक सांस्कृतिक राष्ट्रियता है, एक भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रियता जिसके केंद्रविंदु में हिन्दी भाषा और हिन्दु धर्म है। तमिल या मराठी बोल्ने वाले भी भारतीय नागरिक हैं। ऐसा नहीं कि बगैर हिंदी बोले भारतीय हो नहीं सकते। लेकिन मधेसी तो भारतीय नागरिक नहीं हैं। लेकिन वो जो भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रियता है जिसके केंद्रविंदु में हिन्दी भाषा और हिन्दु धर्म है, मधेसी उसके अभिन्न अंग हैं। लेकिन सभी मधेसी हिन्दु नहीं। बहुत मुसलमान हैं। बुद्ध मधेसी थे। मधेस चीन, सारे चीन, पर कब्ज़ा करेगा। बुद्ध धर्म के रास्ते। लेकिन बहुत कम मधेसी बुद्धिस्ट हैं। आज। लेकिन मधेसी राष्ट्रियता का बहुत बड़ा हिस्सा बुद्ध का है।

हिन्दी भाषा, हिन्दु धर्म, भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रियता, मधेस, मधेसी और नेपाल। हिंदी भाषा पर आक्रमण निरंतर ढाई सौ साल से चला आ रहा है। इस मधेस आंदोलन का एक प्रमुख मांग है कि अब नेपाल में नेपाली भाषा और हिंदी भाषा दोनों बराबरी के ओहदे पर रहेंगे। भारत के संसद में हिंदी और अंग्रेजी दोनों में काम होता है। अब नेपालके संसद में नेपाली और हिंदी दोनों में काम होगा।

विद्या जुता पहन के जानकी मंदिर के भितर तक पहुँच गयी। मधेसी हो या पहाड़ी कोई हिन्दु वो कर ही नहीं सकता है। विद्या हिन्दु नहीं सनातनी हैं। जिस तरह रावण सनातनी था।

तो जब बात हिंदी भाषा और हिन्दु धर्म का हो, तो ये लड़ाई मेरा कब से हो गया? ये तो मोदी का लड़ाई है। मोदी लड़े अपना। बहुत जल्द मेरा प्रमुख फोकस होगा अमरिका। यहाँ बाजार गर्म हो रहा है।



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